Chhattishgarh Ajab Holi 2025: होली का पर्व जो हर किसी के लिए खुशी लाता है. वहीं छत्तीसगढ़ के इस गांव में डर और सन्नाटा का माहौल रहता है. इस गांव में पीछले 200 सालों से होली का पर्व नहीं मनाया गया है. यह गांव कोरबा जीले में स्थित है. इसका नाम गांव खरहरी है और इसे धमनागुड़ी के नाम से भी जाना जाता है.
इस गांव के हर घर, हर गली में आज के दिन सन्नाटा छाया रहता है. सभी अपने घरों तक से बाहर नहीं निकलते, न ही पकवानो की खुशबू आती है. बड़े तो बड़े, इस गांव के बच्चे तक यहां रंग- गुलाल के साथ गलियों में नजर नहीं आते हैं.
गांव के लोगों की मान्यता
इस गांव के लोगों का मानना है कि होली जलाने और रंग गुलाल खेलने से गांव पर दैविय प्रकोप आ सकता है या फिर गांव में कोई अनहोनी हो सकती है. इसे अंधविश्वास कहें या फिर लोगों का भ्रम, पर ये बात उनके दिल-दिमाग में बैठ चुकी है. यही कारण है कि इस गांव में होली वाले दिन मातम पसरा रहता है.
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